हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विकासखंड स्थित मालाग्राम पहुंचे। उन्होंने सघन पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड का संदेश दिया। साथ ही 'श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय' का भ्रमण कर औषधीय पौधों के संरक्षण और शोध कार्यों की जानकारी भी ली।
औषधीय वनस्पतियां प्रदेश की अमूल्य धरोहर
मुख्यमंत्री धामी ने परिसर में संरक्षित दुर्लभ हिमालयी जड़ी-बूटियों, अनुसंधान गतिविधियों और आयुर्वेद आधारित नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जैव विविधता और औषधीय वनस्पतियां प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण के साथ वैज्ञानिक शोध, हर्बल पर्यटन और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।
हरेला पर्व के पावन अवसर पर जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित मालाग्राम में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड का संदेश दिया।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 14, 2026
प्रकृति का संरक्षण केवल हमारा दायित्व ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। अधिक से अधिक वृक्षारोपण तथा… pic.twitter.com/NVQAIEYjsN
आजीविका के नए अवसर
CM धामी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान का संरक्षण समय की जरूरत है। वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के माध्यम से इन वनस्पतियों का संवर्धन किया जाए तो पर्यावरण संरक्षण के साथ आयुर्वेद को भी नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औषधीय पौधों के संरक्षण से हर्बल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही आयुर्वेद आधारित उद्योगों और शोध गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए मौके भी सृजित होंगे।