पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने एक और अहम राजनीतिक कदम बढ़ाया है। गुरप्रीत सिंह सेखों रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। जीरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी ने उनका स्वागत किया। सेखों के AAP में शामिल होने के बाद जीरा विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनकी एंट्री को क्षेत्र की सियासत में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है और माना जा रहा है कि इससे आने वाले चुनाव में स्थानीय राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
ਅੱਜ ਜ਼ੀਰਾ ਵਿਖੇ ਹੋਏ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸੇਖੋਂ ਜੀ ਆਪਣੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਸਾਥੀਆਂ ਸਮੇਤ 'ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ' ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ... ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਆਉਣ 'ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਨਿੱਘਾ ਸਵਾਗਤ ਕਰਦੇ ਹਾਂ...
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) September 6, 2026
ਇਸ ਮੌਕੇ ਹਾਜ਼ਰ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਠਾਠਾਂ ਮਾਰਦਾ ਇਕੱਠ ਦੱਸ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਲੋਕ ਰਵਾਇਤੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਤੋਂ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅੱਕ… pic.twitter.com/kkJgHU4qew
लंबे समय से जीरा में सक्रिय थे सेखों
गुरप्रीत सिंह सेखों पिछले कई महीनों से जीरा विधानसभा क्षेत्र में लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आ रहे थे। वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर कर चुके थे। स्थानीय निकाय और जिला परिषद चुनावों के दौरान भी उनकी राजनीतिक सक्रियता चर्चा में रही। उनके समर्थित उम्मीदवारों की चुनावी गतिविधियों के चलते क्षेत्र में उनके बढ़ते प्रभाव को लेकर सियासी चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब AAP में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
क्या जीरा से चुनाव लड़ेंगे सेखों?
गुरप्रीत सिंह सेखों के AAP में शामिल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी जीरा विधानसभा सीट को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाती है। पिछले कुछ समय से ऐसी चर्चाएं सामने आती रही हैं कि सेखों आगामी विधानसभा चुनाव में जीरा से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। अब AAP में उनकी एंट्री के बाद इस संभावना को और बल मिला है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में गुरप्रीत सिंह सेखों को जीरा से उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं।
नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आया था नाम
गुरप्रीत सिंह सेखों का नाम 2016 के चर्चित नाभा जेल ब्रेक मामले के बाद राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने और जेल में लंबा समय बिताने की बात सामने आती रही है। जेल से बाहर आने के बाद सेखों ने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने और समाज सेवा से जुड़ने की बात कही थी। हाल के वर्षों में उनकी गतिविधियां सामाजिक कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र में भी बढ़ी हैं।
AAP में एंट्री से कितना बदलेगा समीकरण?
पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने का दौर जारी है। ऐसे में जीरा विधानसभा क्षेत्र में गुरप्रीत सिंह सेखों की AAP में एंट्री को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आम आदमी पार्टी उन्हें किस भूमिका में आगे बढ़ाती है और क्या उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में जीरा से मैदान में उतारा जाता है। अगर ऐसा होता है तो जीरा सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।