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भोपाल: क्लासिक सिक्योरिटी सर्विस पर जीएसटी छापा, टैक्स चोरी का बड़ा खुलासा

By : Shital Sharma
भोपाल: क्लासिक सिक्योरिटी सर्विस पर जीएसटी छापा, टैक्स चोरी का बड़ा खुलासा

टैक्स चोरी, अवैध संचालन और अपराधिक गतिविधियों का खुलासा

भोपाल, 4 सितंबर 2025 भोपाल में क्लासिक सिक्योरिटी सर्विस पर जीएसटी विभाग की टीम ने टैक्स चोरी के आरोप में छापा मारा। यह कार्रवाई कंपनी के मालिक राजकुमार पांडेय के घर और दफ्तर पर की गई। सूत्रों के अनुसार, कंपनी लंबे समय से करोड़ों रुपये के जीएसटी की अनियमितता कर रही थी, जिसके आधार पर विभाग ने अचानक दबिश दी।

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कंपनी और मालिक पर कई आरोप

क्लासिक सिक्योरिटी सर्विस का पंजीकरण मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के रूप में हुआ था। कंपनी का लाइसेंस नंबर 1249/2012 है, जो 12 मई 2012 को जारी किया गया था और इसकी वैधता 11 मई 2017 तक थी। हालांकि, लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद भी कंपनी अवैध रूप से संचालित हो रही थी।

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राजकुमार पांडेय कंपनी के मालिक हैं, जो एक अधिवक्ता भी हैं। उनके खिलाफ कई अपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धमकी, मारपीट, धोखाधड़ी, और अवैध हथियार रखने के आरोप शामिल हैं। उनके खिलाफ भोपाल के विभिन्न थानों में 9 से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं।

जीएसटी रिटर्न और टैक्स चोरी के सबूत

अपलोड किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि कंपनी ने 2017 से 2025 तक कई बार जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं किया या गलत जानकारी दी। कुछ मुख्य बिंदु:

  • 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी ने 1,01,582 रुपये का CGST जमा किया, लेकिन पिछले कई वर्षों से रिटर्न फाइल नहीं किया गया।
  • 2021-22 में कंपनी ने 5,30,980 रुपये का टैक्सेबल वैल्यू दिखाया, लेकिन 3,32,300 रुपये का टैक्स जमा किया।
  • 2020-21 में कंपनी ने 5,89,678 रुपये का टैक्सेबल वैल्यू दिखाया, लेकिन 1,73,898 रुपये का टैक्स जमा किया।
  • 2018-19 में कंपनी ने 1,73,898 रुपये का CGST जमा किया, लेकिन कई महीनों का रिटर्न फाइल नहीं किया।

लेजर बैलेंस से पता चलता है कि कंपनी ने 2020-21 में 7,50,000 रुपये का टैक्सेबल वैल्यू दिखाया, लेकिन 1,50,000 रुपये का टैक्स जमा किया।

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अवैध संचालन और अपराधिक गतिविधियां

कंपनी के दस्तावेज़ों में राजकुमार पांडेय के कई अपराधिक मामलों का जिक्र है, जिनमें धमकी, मारपीट, और अवैध हथियार रखने के आरोप शामिल हैं। उनके खिलाफ भोपाल के विभिन्न थानों में 9 से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं।

  • कंपनी का लाइसेंस 2017 में समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बाद भी कंपनी अवैध रूप से संचालित हो रही थी।
  • राजकुमार पांडेय पर अवैध हथियार रखने का आरोप है, लेकिन उनके पास कोई वैध लाइसेंस नहीं है।
  • कंपनी के बैंक लेनदेन में भी गड़बड़ियां मिली हैं, जिसमें कैश ट्रांजैक्शन और बिना बिल के लेनदेन शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई

स्थानीय कारोबारी जगत में इस छापे से हलचल मच गई है। कई व्यापारी और स्थानीय लोग राजकुमार पांडेय के खिलाफ लंबे समय से शिकायत कर रहे थे, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई में देरी हो रही थी। अब जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई से लोगों को उम्मीद है कि कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सही आंकड़ा और टैक्स चोरी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अगर टैक्स चोरी की पुष्टि होती है, तो कंपनी पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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