भोपाल/ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ग्वालियर ट्रांजिट विजिट के दौरान एयरपोर्ट पर 26 अगस्त को भावुक करने वाला दृश्य पैदा हो गया। दरअसल, रक्षाबंधन के मद्देनजर ग्वालियर की लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर स्नेह और विश्वास की राखियां बांधी। बहनों के हाथों से बंधी इन राखियों के पवित्र धागों ने जहां भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते को मजबूत बनाया, वहीं प्रदेश की हर बहन के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और खुशहाली के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प को और मजबूत किया। रक्षाबंधन के उपहार स्वरूप लाड़ली बहन योजना के तहत अतिरिक्त धनराशि देने के लिए ग्वालियर की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद पत्र भी दिया।

वहीं, ग्वालियर एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ में तैनात दो बहनों ने जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर राखियां बांधी तो दृश्य भावुक कर देने वाला हो गया। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के माथे पर रोली का तिलक लगाकर राखी बांधी, तो सीएम ने सभी बहनों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया। इस आत्मीय क्षण में उन्होंने कहा कि बहन और भाई का रिश्ता केवल एक पर्व तक सीमित नहीं है। यह जीवनभर के स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का रिश्ता है। राखी का यह पवित्र धागा हमें निरंतर याद दिलाता रहेगा कि मध्यप्रदेश की प्रत्येक बहन उनके अपने परिवार का हिस्सा है।
प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश की हर बहन के चेहरे पर मुस्कान हो, बेटियां सुरक्षित रहें , आत्मनिर्भर बनें और अपने सपनों को पूरा करते हुए आगे बढ़ें इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश की हर बहन के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और खुशहाली के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम करती रहेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 अगस्त को भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में गोदरेज की चौथी यूनिट का शुभारंभ करने आए थे। इसी सिलसिले में वे ट्रांजिट विजिट पर ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल पहुंचे थे।
सीआईएसएफ में तैनात बहनों की आंखें हुईं नम
ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचते ही भावुक दृश्य बन गया। सीआईएसएफ में तैनात दो बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से राखी बंधवाने का आग्रह किया। दरअसल, टर्मिनल पर तैनात महाराष्ट्र की रासकर अश्विनी और राजस्थान की पूनम यादव इस बार रक्षाबंधन पर अपने घर नहीं जा पा रही हैं। अपनों से दूर होने की कसक उनके मन में थी। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इसके बाद उनकी आंखें नम हो गईं।