अतिवृष्टि से प्रभावित चित्रकूट का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों, किसानों, व्यापारियों और मठ-मंदिरों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी। सीएम योगी ने फसल और मकानों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने को कहा, ताकि पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
किसानों को मिलेगा नुकसान का मुआवजा
फसल का भी हम सर्वे करवाएंगे और सर्वे के आधार पर राहत उपलब्ध करवाने का कार्य करेंगे... pic.twitter.com/XyGM3rdMIv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 6, 2026
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे जल्द पूरा कराने को कहा। पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
48 घंटे में बांटनी होगी राहत किट

राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान सीएम योगी ने शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर प्रभावित लोगों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को प्रभावित परिवारों के बीच लगातार मौजूद रहकर उनकी जरूरत के मुताबिक मदद उपलब्ध कराने को कहा गया। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार उपलब्ध रहेंगी।
मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया से हटेगा अतिक्रमण
मुख्यमंत्री योगी ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके लिए जनपदीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद करने को कहा गया है। उन्होंने मंदाकिनी नदी के घाटों के विस्तारीकरण के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि सीवर और नालों का पानी किसी भी स्थिति में पवित्र मंदाकिनी नदी में नहीं जाना चाहिए। पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग को आपसी समन्वय से ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
फुट ओवर ब्रिज का होगा सेफ्टी ऑडिट
मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जहां भी सुधार की जरूरत हो, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
एयरपोर्ट मार्ग का काम विजयादशमी से पहले पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट तक जाने वाले मार्ग के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह काम विजयादशमी से पहले हर हाल में पूरा किया जाए। निर्माण कार्य में देरी के कारणों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार की प्राथमिकता राहत और पुनर्वास
चित्रकूट में अतिवृष्टि के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। सरकार का फोकस प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के साथ-साथ भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए स्थायी समाधान तैयार करने पर है।