छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद और हिंसक विचारधारा को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुख्यात नक्सली हिड़मा को आदर्श मानने वाले और नक्सलवाद का समर्थन करने वाली सोच रखने वाले लोग ही ‘दिमागी नक्सली’ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदूक के दम पर निर्दोष लोगों की जान लेने वाला कोई व्यक्ति समाज का नायक नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, हिंसा को किसी भी रूप में सही ठहराना या हिंसा में शामिल लोगों का महिमामंडन करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बस्तर ने लंबे समय तक झेली नक्सली हिंसा
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा है। खासकर बस्तर क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवारों ने हिंसा के कारण अपने प्रियजनों को खोया है। नक्सल समस्या का असर इलाके के विकास पर भी पड़ा और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को आदर्श के तौर पर पेश करना उन परिवारों के जख्मों को नजरअंदाज करने जैसा है, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनों को खोया है। साथ ही यह नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों के बलिदान का भी अपमान है।
असहमति का अधिकार, लेकिन हिंसा का समर्थन नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार या किसी व्यवस्था से असहमति जताने का अधिकार है। लेकिन इस अधिकार की आड़ में हिंसा को उचित ठहराना या निर्दोषों की हत्या करने वालों को नायक बताना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती केवल जंगलों में मौजूद हथियारबंद समूहों तक सीमित नहीं है। हिंसा को बढ़ावा देने वाली विचारधारा और मानसिकता भी एक गंभीर चुनौती है।
‘नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई बस्तर के भविष्य की लड़ाई’
विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष सिर्फ सुरक्षा बलों तक सीमित नहीं रहा है। यह बस्तर के लोगों के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों के बलिदान और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर में परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे समय में समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह हिंसा और आतंक को किसी भी रूप में महिमामंडित न होने दे।
बस्तर की नई पहचान विकास से हो- CM साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की पहचान अब नक्सली हिंसा के कारण नहीं, बल्कि शांति और विकास के लिए होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा, पर्यटन और रोजगार को क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर मिलें और स्थानीय लोगों का जीवन सुरक्षित एवं बेहतर हो, यही सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति स्थापित होने के साथ बस्तर में विकास की नई संभावनाएं भी मजबूत होंगी।