बिहार में लगातार पांच दिनों से हो रही बारिश के चलते राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रदेश के 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर और बेगूसराय में देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
सितंबर में सामान्य से 24% ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में अब तक बिहार में 83.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 24 फीसदी अधिक है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा ने सुल्तानगंज में तोड़ा रिकॉर्ड
भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर 36.78 मीटर तक पहुंच गया है। यह 2021 में दर्ज किए गए 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से भी ज्यादा है। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
यूनिवर्सिटी में घुसा गंगा का पानी
गंगा का पानी तिलकामांझी विश्वविद्यालय परिसर में भी पहुंच गया है। पानी भरने के कारण शिक्षकों और छात्रों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यूपी के 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य के करीब 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और लगभग 4 लाख लोगों पर इसका असर पड़ा है। लगातार बारिश के कारण गंगा, सरयू और रामगंगा समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
रामगंगा में समाया प्राचीन मंदिर
बरेली में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच प्राचीन मंदिर रामगंगा नदी में समा गया। वहीं बाराबंकी में सरयू नदी का पानी कई रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। करीब 12 मकानों के डूबने की जानकारी सामने आई है। फर्रुखाबाद में भी गंगा नदी के कटाव से पिछले 10 दिनों में करीब 15 मकानों के नदी में समाने की बात सामने आई है।
MP में अगले तीन दिन तेज बारिश नहीं
मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश की संभावना कम है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। नदियों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर में बदलाव को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
राजस्थान में 11 सितंबर से बारिश का अनुमान
राजस्थान में भी फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना हुआ है। बुधवार को प्रदेश के 10 शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 सितंबर से दोबारा बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान और बारिश दोनों में बदलाव देखने को मिल सकता है।