सम्राट चौधरी की शिक्षा विभाग के साथ बैठक खत्म, लिए गए कई बड़े फैसले

सम्राट चौधरी की शिक्षा विभाग के साथ बैठक खत्म, लिए गए कई बड़े फैसले

बिहार के मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के साथ बैठक की, पर छात्रों की अधिकांश मांगें अनसुनी रहीं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठी।

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बिहार की शिक्षा नीति पर बैठक

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 20 अगस्त को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। पटना के गर्दनीबाग में छात्रों के धरने के बीच हुई इस बैठक से TRE-4 अभ्यर्थियों को अपनी मांगों पर फैसले की उम्मीद थी। हालांकि, बैठक में उनकी मांगों को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं हुआ।

मॉडल स्कूल

मुख्यमंत्री ने राज्य के मॉडल स्कूलों में बेहतर पढ़ाई, पर्याप्त शिक्षकों और आधुनिक सुविधाओं पर जोर दिया। ‘एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल’ व्यवस्था के तहत अधिकारियों को स्कूलों की जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए।

PTM पर जोर

हर तीन महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक कराने के निर्देश दिए गए। पूर्व विद्यार्थियों से संवाद बढ़ाने और उनके अनुभवों का लाभ स्कूलों को देने पर भी जोर रहा।

JEE-NEET तैयारी

JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए। बिहार बोर्ड के ई-लर्निंग और 24x7 डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की बात भी कही गई।

छात्रों को झटका

गर्दनीबाग में TRE-4 अभ्यर्थी कई मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। वे दो परीक्षाओं की जगह एक परीक्षा कराने, निगेटिव मार्किंग हटाने और बदलाव TRE-5 से लागू करने की मांग कर रहे हैं। छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। बैठक के बाद इन मांगों पर कोई फैसला सामने नहीं आने से प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को निराशा हुई।

मीसा भारती का बयान

RJD सांसद मीसा भारती ने बिहार की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत के बाद पेपर लीक जैसी समस्याएं सामने आना चिंता की बात है। उन्होंने समय पर परीक्षा कराने और पेपर लीक रोकने के लिए व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई।