भोपाल में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत को धरना स्थल से उठाए जाने का मामला सामने आया है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि नरेंद्र राजपूत अनशन पर बैठे थे और पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाने की जानकारी मिली है।
पुलिस के ले जाने के बाद बढ़ा आक्रोश
नरेंद्र राजपूत को धरना स्थल से ले जाने की खबर के बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई। आंदोलन से जुड़े लोगों ने साथी अभ्यर्थियों से बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि एक साथी को हटाए जाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि अब इसे और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने की ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील
आंदोलन से जुड़े एक साथी ने वीडियो और संदेश जारी कर अभ्यर्थियों से जल्द से जल्द घरों से निकलकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी है।
नरेंद्र के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
प्रदर्शनकारियों ने मीडिया से नरेंद्र राजपूत के स्वास्थ्य की जानकारी लगातार लेते रहने की अपील की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता नरेंद्र की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर है। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
नर्सिंग छात्रों का आंदोलन भी जारी
भोपाल में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन भी पिछले कई दिनों से जारी है। छात्र परीक्षा, रिजल्ट, डिग्री, रजिस्ट्रेशन और छात्रवृत्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल नरेंद्र राजपूत को धरना स्थल से ले जाने के बाद आंदोलनकारी और अधिक संख्या में जुटने की तैयारी कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाने की मांग को लेकर उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।