भोपाल के श्यामला हिल्स हत्याकांड में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने किशोर को निशाना बनाने के बाद उसके शरीर से प्राइवेट पार्ट निकालने की कोशिश की। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच अंगों की तस्करी समेत कई एंगल से कर रही है।
तीन बार नाकाम, चौथी बार मिली कामयाबी
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने कथित तौर पर पहले तीन बार कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद आरोपी अमीर ने अंग निकालने से जुड़ा एक वीडियो देखा और वही तरीका अपनाते हुए चौथी बार वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। अमीर ने यह वीडियो मुख्य आरोपी जोहेब को व्हाट्सएप पर भी भेजा था।
विदेश में अंग बेचकर करोड़पति बनने का सपना
जांच में आरोपियों के कथित मंसूबों को लेकर भी हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी विदेश में निजी अंग बेचकर बड़ी रकम कमाने का सपना देख रहे थे। इसी लालच में उन्होंने किशोर से दोस्ती की और उसे अपने जाल में फंसाया।
15 दिन तक किशोर की रैकी
मुख्य आरोपी जोहेब और अमीर ने कथित तौर पर करीब 15 दिन तक किशोर की गतिविधियों पर नजर रखी। उन्होंने ऐसे किशोर को निशाना बनाया, जो गरीब परिवार से था और जिसके पीछे कोई मजबूत सहारा नहीं था। 5 अगस्त को मृतक किशोर आरोपियों के संपर्क में आया था।
शरीर पर मिले कट के निशान
किशोर के शव की जांच में कमर के दोनों तरफ कट के निशान मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि शरीर के अंदरूनी अंगों को निकालने की कोशिश की गई। हालांकि शुरुआती जांच में लिवर, किडनी और दूसरे प्रमुख अंगों को नुकसान पहुंचने की बात सामने नहीं आई है।
तालाब से बरामदगी की तैयारी
पुलिस अब तालाब से किशोर का प्राइवेट पार्ट बरामद करने की तैयारी कर रही है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है, ताकि अंग तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
परिवार की मदद के लिए आगे आई पुलिस
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी संतोष पटेल ने मृतक के परिवार तक राशन पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि जांच में हर संभावित पहलू को शामिल किया जा रहा है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।