भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार सुबह 9 बजे से कार्रवाई शुरू कर दी। रचना नगर में जूंबा डांस हाउस को सील किया गया। वहीं सर्वधर्म, अरेरा कॉलोनी और खानूगांव में करीब चार घंटे के भीतर 15 से ज्यादा प्रतिष्ठान बंद कराए गए।
अरेरा कॉलोनी में कार्रवाई का विरोध
अरेरा कॉलोनी में आर्य समाज मंदिर के पास निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। दुकानदारों का आरोप था कि निगम चुनिंदा दुकानों पर ही कार्रवाई कर रहा है, जबकि आसपास कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी चल रहे हैं। विरोध बढ़ने पर निगम की टीम आगे बढ़ गई।
दुकानदारों ने पूछा- बड़े मॉल क्यों नहीं बंद?
कार्रवाई का विरोध कर रहे कारोबारियों ने नगर निगम पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना था कि छोटे दुकानदारों को बंद कराया जा रहा है, लेकिन बड़े शॉपिंग मॉल और रसूखदार कारोबारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। अधिकारियों ने मौके पर इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने की तैयारी
मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निगम की कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े और प्रभावशाली लोगों को छोड़कर छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी जाएगी।
कई प्रतिष्ठानों ने खुद बंद किया कारोबार
निगम की टीम पहुंचने से पहले कई लोगों ने खुद ही कमर्शियल गतिविधियां बंद कर दीं। प्रतिष्ठानों पर तख्तियां लगाई गई हैं, जिनमें भवन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद होने की जानकारी दी गई है। ई-3 अरेरा कॉलोनी में कुछ दुकानदारों ने अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन निगम अधिकारियों ने कहा कि पहले ही कई दिनों की मोहलत दी जा चुकी है।
इन इलाकों में हुई कार्रवाई
सर्वधर्म बी सेक्टर के क्लियर होटल को बंद कराया गया। गौतम नगर में एक होटल संचालक ने खुद कमर्शियल गतिविधि बंद कर दी। खानूगांव में भवन में चल रही व्यावसायिक गतिविधि बंद कराई गई। रचना नगर में जूंबा डांस हाउस सील किया गया। अरेरा कॉलोनी में एक दुकान सील करने के साथ करीब छह दुकानों को बंद कराया गया।
8264 नोटिस के बाद बढ़ी सख्ती
नगर निगम ने 26 अगस्त तक कुल 8264 नोटिस जारी किए थे। इसके बाद नोटिसों का परीक्षण किया गया। रविवार को कई जगह 24 घंटे के नोटिस दिए गए और सोमवार से सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई। निगम अब नोटिसों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहा है।
कई इलाकों में पुलिस बल तैनात
कार्रवाई के दौरान विवाद और हंगामे की आशंका को देखते हुए मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। निगम की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज
भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई थी और हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है। इससे पहले निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी है।
रहवासियों ने बताई परेशानी
रहवासियों का कहना है कि आवासीय इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों से शोर, भीड़ और ट्रैफिक बढ़ता है। उनका आरोप है कि इससे सार्वजनिक शांति और सुरक्षा प्रभावित होती है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। रहवासियों की मांग है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराया जाए।
कारोबारियों में बढ़ी दहशत
निगम की सख्ती के बाद रहवासी इमारतों में कारोबार करने वाले दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी समेत कई इलाकों के कारोबारी नए ठिकाने तलाश रहे हैं। अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर मास्टर प्लान और स्पष्ट कमर्शियल जोनिंग से ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
मुख्य मार्गों से लेकर नदी-तालाब तक सर्वे
नगर निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवनों की भी प्राथमिकता से जांच की जाएगी। इसके अलावा अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस देकर कार्रवाई की तैयारी है।