भोपाल के विद्यानगर स्थित दीपशिखा हॉस्पिटल में शुक्रवार रात शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही अस्पताल की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसके चलते ICU में भर्ती मरीजों को बाहर निकालने में परेशानी हुई। पुलिस और अस्पताल स्टाफ ने मिलकर सभी 21 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सहारा अस्पताल में शिफ्ट किया।
ICU के 5-6 मरीज भी शामिल
रेस्क्यू किए गए मरीजों में 5 से 6 मरीज ICU में भर्ती थे। इसके अलावा कुछ महिलाओं की हाल ही में सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। उन्हें भी सावधानी से अस्पताल से बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों और अस्पताल के कर्मचारियों ने कई मरीजों को हाथों से उठाकर और सहारा देकर बाहर निकाला।
ग्राउंड फ्लोर के इमरजेंसी कक्ष में लगी आग
पुलिस के मुताबिक आग ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी कक्ष में लगी थी। इसी कमरे में डॉक्टर बैठते हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक इलेक्ट्रिकल बोर्ड में वायर के शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। बोर्ड के पास प्लाई की अलमारियां और अन्य सामान रखा था, जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई।
सीढ़ियों से बाहर निकलता रहा धुआं
आग लगने के बाद अस्पताल की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी। ICU में भर्ती मरीजों को निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी। हालांकि सीढ़ियों वाले हिस्से में पर्याप्त जगह और खिड़कियां होने के कारण धुआं ऊपर की ओर निकलता रहा। इससे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिली।
10:35 बजे मिली आग की सूचना
फायर ब्रिगेड को रात करीब 10:35 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब 11 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद अस्पताल को पूरी तरह खाली करा लिया गया और बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।
पुलिस और अस्पताल स्टाफ ने मिलकर किया रेस्क्यू
बागसेवनिया थाने के ASI वीर मणि पांडे के मुताबिक घटना के समय पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने का समय था, इसलिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था। पुलिस के 141 स्टाफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया। समय रहते सभी मरीजों को सुरक्षित निकालकर दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
फिलहाल अस्पताल को खाली करा दिया गया है। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।