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bandar-terror: दो बंदर इंजन केबिन के अंदर, पायलट के बने है जानी दुश्मन

By : Narendra Singh
bandar-terror: दो बंदर इंजन केबिन के अंदर, पायलट के बने है जानी दुश्मन

15 दिन में 10 लोको पायलट और 30 यात्री घायल, मंत्री तक पहुंची शिकायत

anuppur railway station bandar terror : अनूपपुर जिले के बिजुरी रेलवे स्टेशन पर दो बंदरों ने रेलवे स्टाफ और यात्रियों का जीना मुश्किल कर दिया है। पिछले 15 दिनों से यह दोनों बंदर दहशत का कारण बने हुए हैं। ट्रेन रुकते ही बंदर सीधे इंजन पर चढ़ जाते हैं और मौके देखकर केबिन में घुसकर लोको पायलट को निशाना बनाते हैं।

इंजन पर चढ़कर केबिन में घुसते हैं बंदर

रेलवे स्टेशन बिजुरी में दोनों बंदरों का इतना आतंक है कि रेल कर्मचारी हाथों में डंडे लिए घूमते रहते हैं. इन बंदरों ने अब तक लगभग 10 लोको पायलटों और करीब 30 से 35 यात्रियों को काटकर घायल कर दिया है। इतना ही नहीं, स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर भी कई लोगों को बंदरों ने हमला कर घायल किया है। इस कारण अब स्टेशन पर कर्मचारी हाथों में डंडे लेकर गश्त करने को मजबूर हैं।

मंत्री तक पहुंच चुकी है शिकायत

रेलवे कर्मचारियों ने इस बारे में वन विभाग, नगर पालिका सहित राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल को इस परेशानी से अवगत कराया है. लेकिन उन्हें आवश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला. रेलवे स्टेशन बिजुरी के लोको पायलट कमलेश कुमार सिंह ने बताया "जैसे ही ट्रेन आती है तो बंदर इंजन पर बैठ जाते हैं और कर्मचारी को उतरता देख अचानक हमला कर देते हैं. कई बार इंजन के केबिन में घुसकर हमला कर चुके हैं."

वन विभाग की टीम पहुंचते ही बंदर फरार

एक बंदर के साथ उसका छोटा बच्चा भी है. लोको पायलट नीरज कुमार ने बताया "ये बंदर इंजन पर चढ़ जाते हैं और फिर कर्मचारियों पर हमला करते हैं. अभी तक ये बंदर 10 कर्मचारी सहित 30 से 35 यात्रियों को काट चुके हैं. स्टेशन पर जैसे ही गाड़ी खड़ी होती है तो ये बंदर यात्रियों के डिब्बे में भी चढ़ जाते हैं और घायल कर रहे हैं. हमारे द्वारा सभी जगह शिकायत की गई, लेकिन आश्वासन ही मिला है."

अभी तक कोई ठोस कदम नहीं दहशत बरकरार

लगातार शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रेलवे स्टाफ का कहना है कि जब तक बंदरों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक हादसों की संभावना बनी रहेगी। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि प्रशासन तुरंत इन बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़े, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। Read More:-  उत्तराखंड और हिमाचल में तबाही: बादल फटने से बढ़ी मुश्किलें Watch:- US ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया

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