तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह चेन्नई स्थित उनके आवास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और अभिनेत्री तृषा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए दायर अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की है।
चेन्नई: DMK नेता और तमिल नाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने उनके चेन्नई घर से हिरासत में ले लिया।
— Danish Khan (@danishrmr) August 4, 2026
उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह FIR एक्टर त्रिशा और मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणियों के लिए की गई थी। कल उनकी रैली में एक्टर… pic.twitter.com/EVdkUv8HJN
रैली से जुड़ा मामला
यह पूरा विवाद सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल-बंटवारे के मुद्दे पर आयोजित डीएमके की रैली से जुड़ा है। आरोप है कि रैली के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर डबल मीनिंग और आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसी कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री तृषा के खिलाफ भी विवादित नारे लगाए गए, जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया।
TVK ने दर्ज कराई FIR
मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की शिकायत के आधार पर तंजावुर पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी टिप्पणियां महिलाओं के सम्मान के खिलाफ थीं और सार्वजनिक मर्यादा का उल्लंघन करती हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उदयनिधि ने मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की।
राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा मामला
विवाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तक भी पहुंच गया है। TVK ने आयोग में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि उदयनिधि स्टालिन ने महिलाओं को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने वाली और यौन संकेत देने वाली टिप्पणियां कीं। पार्टी ने आयोग से भाषण का संज्ञान लेने, सार्वजनिक माफी की मांग करने और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की है।
जमानत पर होगी सुनवाई
मंगलवार को जस्टिस जी.के. इलांथिरैयन की अदालत में सुनवाई शुरू होने पर उदयनिधि की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हसन मोहम्मद जिन्ना ने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अग्रिम जमानत याचिका पर दोपहर बाद सुनवाई करने की सहमति दी।