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आतंकियों के निशाने पर था RSS का लखनऊ मुख्यालय: गुजरात ATS की पूछताछ में बड़ा खुलासा

By : Shital Sharma
आतंकियों के निशाने पर था RSS का लखनऊ मुख्यालय: गुजरात ATS की पूछताछ में बड़ा खुलासा

दिल्ली-अहमदाबाद में भी की थी रेकी

rss lucknow headquarter target: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है। गुजरात ATS की ताबड़तोड़ कार्रवाई में पकड़े गए तीन आतंकियों से पूछताछ में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है उनका अगला टारगेट था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का लखनऊ मुख्यालय।

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एटीएस के डीएसपी शंकर चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों ने न केवल लखनऊ, बल्कि अहमदाबाद के नरोडा इलाके और दिल्ली के आजाद मैदान की भी रेकी की थी। वे इन इलाकों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर अपने आकाओं को भेज चुके थे।

हथियार लेने आया था हैदराबाद का आतंकी मोहिउद्दीन

7 नवंबर की सुबह गुजरात एटीएस को सूचना मिली कि हैदराबाद का एक आतंकी हथियार लेने अहमदाबाद पहुंचा है। टीम ने तुरंत जाल बिछाया और अडालज टोल प्लाजा से डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद को गिरफ्तार कर लिया। उसकी कार से तीन विदेशी पिस्टल और 30 कारतूस बरामद किए गए।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसे हथियार देने आए थे उत्तर प्रदेश के दो आतंकी सुहैल और आजाद सुलेमान। दोनों को पालनपुर से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल तीनों से गहन पूछताछ चल रही है।

ढाई महीने पहले भी अहमदाबाद आया था मोहिउद्दीन

जांच में सामने आया कि मोहिउद्दीन इससे पहले भी करीब ढाई महीने पहले अहमदाबाद आया था। उस वक्त वह एक पैकेट में नकदी लेकर वापस लौटा था। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह पैसा किसने दिया था और किस मकसद से दिया गया था।

टीम ने यह भी पाया कि यूपी के सुहैल और आजाद को राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार लाकर गुजरात के कलोल तक पहुंचाने का आदेश मिला था।
क्योंकि हनुमानगढ़ पाकिस्तानी सीमा से सटा इलाका है, इसलिए शक है कि ड्रोन के जरिए हथियार सीमा पार से भेजे गए थे।

‘राइसिन’ केमिकल से हमला करने की साजिश

एटीएस की जांच में सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई कि ये आतंकी ‘राइसिन’ नामक घातक केमिकल तैयार कर रहे थे। यह जहर साइनाइड से भी ज्यादा खतरनाक माना जाता है। योजना थी कि इसे खाने-पीने की चीजों या पानी में मिलाकर बड़े पैमाने पर जनसंहार किया जाए। एक अधिकारी ने बताया, “इस केमिकल की कुछ मात्रा ही सैकड़ों लोगों की जान ले सकती है। आतंकियों ने ऑनलाइन इसकी तकनीक सीखी थी और प्रयोगशाला तैयार करने की कोशिश में थे।”

rss lucknow headquarter target: सोशल मीडिया से जुड़े थे तीनों आतंकी

गुजरात एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आतंकी सोशल मीडिया के जरिए ISIS मॉड्यूल से जुड़े थे। वे “इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत” (ISKP) नामक संगठन के संपर्क में थे। यह संगठन एशिया के कई देशों में सक्रिय है और इसका सरगना अबू खजेदा अफगानिस्तान से संचालित करता है।अबू खजेदा आतंकियों को अलग-अलग काम सौंपता था किसी को फंडिंग का ज़िम्मा, तो किसी को हथियारों की आपूर्ति और रेकी का काम। यही नेटवर्क भारत में भी धीरे-धीरे पैर जमा रहा था।

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