पंजाब में 7 घंटे का बंद: सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, कई जगह पुलिस से झड़प

पंजाब में 7 घंटे का बंद: सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, कई जगह पुलिस से झड़प

कौमी इंसाफ मोर्चा ने सिख कैदियों की रिहाई और अन्य मांगों के लिए पंजाब में बंद का आह्वान किया। राज्य भर में जगह-जगह बंद के दौरान व्यापक प्रभाव देखने को मिला।

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पंजाब में 7 घंटे का बंद: सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, कई जगह पुलिस से झड़प

सिख कैदियों की रिहाई और अपनी अन्य मांगों को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार, 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले बंद का राज्य के कई हिस्सों में असर देखने को मिला। बसों, निजी स्कूलों और बाजारों पर बंद का व्यापक प्रभाव रहा, जबकि ट्रेनों की आवाजाही पर इसका खास असर नहीं पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़कें और हाईवे जाम किए। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर 2 बजे बंद का निर्धारित समय पूरा होने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य कर दिया गया।

लुधियाना में देखने मिला बंद का असर

जालंधर में कार सवार से विवाद, थप्पड़ चले

जालंधर के मकसूदां की सर्विस रोड पर रास्ता रोकने को लेकर प्रदर्शनकारियों और एक कार सवार के बीच विवाद हो गया। कार सवार ने बताया कि वह अस्पताल जा रहा था और उसकी पत्नी की डायलसिस चल रही है। उसने अस्पताल की रसीद भी दिखाई, लेकिन बहस बढ़ गई। विवाद के दौरान दोनों पक्षों में हाथापाई और थप्पड़ चले। इसी बीच एक सिख व्यक्ति ने अपने साथी से बरछा लेकर हमला करने की कोशिश की।

अमृतसर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तीखी बहस

अमृतसर के गोल्डन गेट से हॉल गेट, हॉल बाजार और आसपास के प्रमुख बाजारों में अधिकांश दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। स्वर्ण मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर भी बंद का असर दिखाई दिया। SGPC के कार्यालय और संस्थान भी बंद रहे।

आमजन से बहस करते हुए प्रदर्शनकारी

गोल्डन गेट के बाहर प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक दिया। इसे खुलवाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तीखी बहस हुई। पुलिस ने मुख्य मार्ग होने का हवाला देते हुए इसे पूरी तरह बंद नहीं करने को कहा। इस दौरान दमदमी टकसाल के रंजीत सिंह समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर रोका यातायात

मोहाली, खरड़ और डेरा बस्सी में अधिकांश दुकानें, शोरूम, निजी कॉलेज और स्कूल बंद रहे। खरड़-चंडीगढ़ हाईवे को दोपहर 2 बजे तक बंद रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने केवल आपातकालीन वाहनों को आगे जाने दिया। ड्यूटी पर जा रहे लोगों की प्रदर्शनकारियों से बहस भी हुई।

मोहाली में निहंगों ने एक पिज्जा शॉप भी बंद कराई। वहीं, फरीदकोट में प्रदर्शनकारियों ने AAP विधायक डिंपी ढिल्लों की बस रोक दी। पुलिस के पहुंचने के बाद बस को वापस बस स्टैंड भेज दिया गया।

लुधियाना में बाजार बंद, कई जगह चक्का जाम

लुधियाना में चौड़ा बाजार समेत अधिकांश बाजार बंद रहे। कुछ दुकानें खुलने पर पुलिस ने उन्हें बंद करा दिया। लाडोवाल टोल प्लाजा के पास नेशनल हाईवे और दुगरी नहर पुल पर चक्का जाम किया गया। समराला चौक समेत कई इलाकों में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

क्लब बंद करवाए गए

अधिकांश निजी स्कूल और कॉलेज बंद रहे, जबकि सरकारी स्कूल खुले रहे। जमालपुर के पास कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही भी रोकी गई।

पठानकोट में मिला-जुला असर

पठानकोट में बंद का खास असर नहीं दिखा। मुख्य बाजार सुबह करीब 10 बजे सामान्य दिनों की तरह खुल गए। हालांकि, कुछ निजी स्कूल बंद रहे। लदपालवां टोल प्लाजा पर प्रदर्शनकारियों के धरने से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

BJP कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी

इस बीच चंडीगढ़ स्थित BJP के स्टेट ऑफिस को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। ई-मेल में पंजाब बंद के दौरान खुले रहने वाले शहरों में बम धमाके करने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

कौमी इंसाफ मोर्चा की मुख्य मांग सजा पूरी होने के बावजूद जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग भी की जा रही है।