पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर रेप के एक मामले को कथित तौर पर दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगने के गंभीर आरोपों ने शनिवार को राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। आरोपों को लेकर विपक्ष ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है।
NHRC ने मांगी दो हफ्ते में रिपोर्ट
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उन आरोपों का संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने रेप के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की थी।
प्रदीप भंडारी के मुताबिक, ये आरोप पंजाब के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
भाजपा प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी पर महिलाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए अरविंद केजरीवाल के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या आतिशी और आम आदमी पार्टी की अन्य महिला नेता इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देंगी।
मजीठिया ने भी साधा निशाना
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री को 'गुरु-द्रोही' बताते हुए मामले पर जवाब देने की मांग की।
मजीठिया ने सवाल उठाया कि जिस पुलिस फोर्स पर मुख्यमंत्री का नियंत्रण है, उससे रेप पीड़िता आखिर न्याय की उम्मीद कैसे कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है और NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव तथा DGP से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
अकाली नेता ने दावा किया कि पुलिस कथित तौर पर पीड़िता के बजाय आरोपी को बचाने में लगी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कहने पर आरोपी को रेप के दो मामलों में कथित तौर पर जमानत मिल गई और उसे आजाद छोड़ दिया गया।
CBI जांच और इस्तीफे की मांग
मजीठिया ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे तुरंत CBI को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब वह खुद गृह मंत्री हैं, तो उनके अधीन पुलिस इस मामले में 5 करोड़ रुपये की मांग के आरोपों की निष्पक्ष जांच कैसे कर सकती है।
अकाली नेता ने भगवंत मान से पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मामले की CBI जांच की सिफारिश करने और नैतिक आधार पर पंजाब के राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने की मांग की।