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राष्ट्रपति मुर्मू ने पहली बार प्रचंड हेलिकॉप्टर में भरी उड़ान, बन गया इतिहास 

By : Narendra Singh
राष्ट्रपति मुर्मू ने पहली बार प्रचंड हेलिकॉप्टर में भरी उड़ान, बन गया इतिहास 
[caption id="attachment_137388" align="alignnone" width="300"]प्रंचड से राष्ट्रपतिु ने भरी उड़ान प्रंचड से राष्ट्रपतिु ने भरी उड़ान[/caption]

राजस्थान के रेगिस्तान में शुक्रवार सुबह एक खास पल देखने को मिला। द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी और देश की पहली राष्ट्रपति बन गईं, जिन्होंने इस फाइटर हेलिकॉप्टर में को-पायलट की भूमिका निभाई। यह उड़ान न सिर्फ तकनीकी आत्मनिर्भरता का संदेश थी, बल्कि सशस्त्र बलों का मनोबल बढ़ाने वाला संकेत भी।

[caption id="attachment_137387" align="alignnone" width="300"]जेशलमेर एयर फोर्स जेशलमेर एयर फोर्स[/caption]

जैसलमेर से भरी प्रचंड में उड़ान

राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जेसलमर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं। यहां वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर की क्षमताओं और उड़ान प्रोफाइल की जानकारी दी। ब्रीफिंग के बाद राष्ट्रपति सीधे कॉकपिट में बैठीं और करीब 10:15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उड़ान के लिए रवाना हुईं। उड़ान के दौरान उन्होंने कॉकपिट से सैल्यूट भी किया, जिसे लेकर वहां मौजूद जवानों में खास उत्साह दिखा।

सीमावर्ती इलाकों और पोकरण रेंज का हवाई जायजा

प्रचंड हेलिकॉप्टर से राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ पोखरण का हवाई निरीक्षण किया। यह वही क्षेत्र है, जहां देश की सैन्य तैयारियों का बड़ा परीक्षण होता रहा है। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर की मारक और निगरानी क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया गया।

पहले भी राफेल और सुखोई में उड़ चुकी हैं

यह पहला मौका नहीं है, जब राष्ट्रपति मुर्मू ने आसमान से संदेश दिया हो। इससे पहले वे Rafale और सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली भी देश की पहली राष्ट्रपति रह चुकी हैं। हर बार उनका यह कदम सेना और वायुसेना के जवानों के लिए प्रेरणा के तौर पर देखा गया।

शाम को ‘वायु शक्ति-2026’ का शौर्य प्रदर्शन

हवाई उड़ान और अधिकारियों से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति शाम करीब 5 बजे पोकरण पहुंचेंगी, जहां भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास Vayu Shakti-2026 आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास में लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता और सटीक लक्ष्य भेदन का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में राजनाथ, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और भजनलाल  समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे.राष्ट्रपति की यह मौजूदगी और उनकी उड़ान, दोनों ही बातें यह साफ करती हैं कि देश की सर्वोच्च कमांडर खुद मोर्चे पर खड़े होकर सेना का हौसला बढ़ा रही हैं। अब निगाहें शाम के उस शौर्य प्रदर्शन पर हैं, जो रेगिस्तान के आसमान में ताकत की तस्वीर पेश करेगा।

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