पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी जांच रिपोर्ट में टाइफाइड की पुष्टि हुई है और उनका इलाज जारी है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
दीपके ने वीडियो में कहा कि उनकी तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। मेडिकल जांच के बाद उन्हें टाइफाइड होने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि सुबह-शाम इलाज चल रहा है, लेकिन आंदोलन से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।
Have been diagnosed with typhoid, but the fight will go on until Dharmendra Pradhan resigns! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026
जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। पुलिस ने अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई है और सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि यह कदम संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उठाया गया है।
आज हो सकती है सरकार और CJP की तीसरी बैठक
सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरे दौर की बातचीत होने की संभावना है। इस बैठक में सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना अंतिम रुख स्पष्ट करने की उम्मीद है।
मुआवजे और केस वापस लेने पर बनी सहमति
CJP का दावा है कि पिछली बैठक में सरकार ने आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। संगठन का कहना है कि आज इस पर लिखित समझौता मिलने की उम्मीद है।
प्रवक्ता आशुतोष रांका बोले- इस्तीफा नहीं तो आंदोलन होगा और तेज
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि मुआवजे और कानूनी मामलों पर सरकार का रुख सकारात्मक रहा है, लेकिन आंदोलन की सबसे बड़ी मांग—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा—अब भी अधूरी है।
Dharmendra Pradhan’s resignation is NON-NEGOTIABLE.
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) July 25, 2026
If it’s a no from the government, there’s no point of further discussion.
रांका ने कहा, "अगर सरकार यह साफ कर देती है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तो इन बैठकों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। ऐसी स्थिति में CJP अपनी अगली रणनीति पर आगे बढ़ेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।"
आंदोलन जारी रहने के संकेत
CJP का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अब सभी की नजरें शनिवार की प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं, जिसमें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच गतिरोध खत्म होने की संभावना जताई जा रही है।