हनुमान अंश फिल्म की सफलता

हनुमान अंश की प्रोड्यूसर को प्रेमानंद महाराज ने दीं थी 3 बड़ी हिदायतें, फिल्म बनाने से पहले दी थी यह खास सलाह

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित 'हनुमान अंश' फिल्म ने 25 दिनों में अपने बजट से 2600% अधिक कमाई की, जिससे ट्रेड और दर्शकों का ध्यान खींचा गया है।

By : रोहन उमक
हनुमान अंश की प्रोड्यूसर को प्रेमानंद महाराज ने दीं थी 3 बड़ी हिदायतें, फिल्म बनाने से पहले दी थी यह खास सलाह

हनुमान अंश की प्रोड्यूसर को प्रेमानंद महाराज ने दीं थी 3 बड़ी हिदायतें, फिल्म बनाने से पहले दी थी यह खास सलाह

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों अपनी कमाई को लेकर सुर्खियों में है। रिलीज के करीब 25 दिन बाद फिल्म की कमाई में अचानक तेजी देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि फिल्म की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने से पहले प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया था।

इस दौरान महाराज ने उन्हें महापुरुष के जीवन पर फिल्म बनाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखने की सलाह दी थी।

प्रेमानंद जी महाराज (बीच में)

महापुरुष के चरित्र को लेकर दी थी पहली हिदायत

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अनुप्रिया नागर ने प्रेमानंद महाराज से पूछा था कि धार्मिक मार्ग पर रहते हुए किसी महापुरुष के जीवन पर फिल्म बनाना क्या सेवा का माध्यम भी बन सकता है। इस पर उन्होंने कहा था कि महापुरुषों का अनुकरण करना आसान नहीं होता।

उन्होंने सलाह दी थी कि फिल्म में किसी तरह की सांसारिकता नहीं आनी चाहिए। किसी महापुरुष के चरित्र को देखने या प्रस्तुत करने से दर्शकों के भीतर वैराग्य, भक्ति और ज्ञान की भावना पैदा होनी चाहिए। साथ ही, ऐसा कोई दृश्य या अभिनय नहीं होना चाहिए जो महापुरुष के चरित्र से अलग हो या अनुचित प्रतीत हो।

लोकप्रियता के लिए न जोड़े जाएं मनगढ़ंत प्रसंग

प्रेमानंद महाराज ने कथित तौर पर दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कही थी कि फिल्म की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए महापुरुष के जीवन से जुड़े ऐसे विषय नहीं जोड़े जाने चाहिए, जो उनके वास्तविक चरित्र से मेल न खाते हों।

उन्होंने नीम करोली बाबा का उदाहरण देते हुए कहा था कि ऐसे भगवत्प्राप्त महापुरुषों की वास्तविक स्थिति का बाहरी तौर पर अनुकरण करना संभव नहीं है। इसलिए फिल्म बनाते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि मनोरंजन या समाज में लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसा कुछ न परोसा जाए, जो महापुरुष के चरित्र के विपरीत हो।

‘ऐसा कुछ न हो जो अपराध बन जाए’

तीसरी हिदायत के तौर पर उन्होंने कथित तौर पर फिल्म निर्माताओं को सावधान रहने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि महापुरुष के जीवन से संबंधित जो कुछ पढ़ा और सुना गया है, उसे उसी के अनुरूप प्रस्तुत करने का प्रयास होना चाहिए और बिना आधार के किसी घटना को जोड़ने से बचना चाहिए।

हनुमान अंश फ़िल्म का एक दृश्य

उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी महापुरुष का चरित्र निभाना है तो कलाकार को उसके लिए साधना करनी चाहिए। सात्विक भोजन, संतों का संग और उनके चरित्र का अध्ययन अभिनय में सत्यता लाने में मदद कर सकता है। उनके अनुसार, केवल बाहरी अभिनय से उस आध्यात्मिक भाव को पूरी तरह प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

फिल्म की कमाई ने चौंकाया

बताया जाता है कि ‘हनुमान अंश’ के मेकर्स ने इन सलाहों को गंभीरता से लिया और फिल्म पर उसी दिशा में काम करने का प्रयास किया।

फिल्म की कमाई को लेकर सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, 26 दिनों में इसने 54.13 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फिल्म ने अपने बजट की तुलना में करीब 2600 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की है। फिल्म की लगातार बढ़ती कमाई ने ट्रेड और दर्शकों, दोनों का ध्यान खींचा है।

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बिना बड़े स्टार और कम बजट के बावजूद 'हनुमान अंश' ने दर्शकों को आकर्षित किया। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन पर आधारित है।

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