इस दिवाली दोहरा धमाका! पीएम मोदी का नया संकल्प
15 अगस्त 2025... सुबह का सूरज लाल किले की प्राचीर पर कुछ खास रोशनी लेकर उगा था। झंडा फहराते हुए प्रधानमंत्री मोदी की आंखों में एक अलग चमक थी। और उस चमक के साथ आए दो ऐलान, जो करोड़ों भारतीयों के जीवन को एक नई दिशा देने वाले हैं।
इस बार दिवाली सिर्फ पटाखों और मिठाइयों तक सीमित नहीं रहेगी। इस बार घर-घर में खुशियां दोहरी होंगी एक ओर टैक्स में भारी राहत, और दूसरी ओर 3.5 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर।
इस दिवाली जीएसटी रिफॉर्म का तोहफा
देश में पहली बार जीएसटी को आम जनता की भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने ऐलान किया कि इस दिवाली पर नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू होगा।आप सोच रहे होंगे ये क्या खास है?
कल्पना कीजिए, दिवाली की खरीदारी करते समय जब आप कपड़े, जूते, गैजेट्स या होम डेकोर खरीदें... और आपकी कुल राशि 15% या 18% टैक्स की बजाय सिर्फ 5% टैक्स में आए।अब आम आदमी को भी फील होगा – ‘Ease of Living’ सिर्फ किताबों में नहीं, जिंदगी में भी है। ये सिर्फ रेट कट नहीं, एक संकेत है – कि सरकार जनता की सुन रही है, समझ रही है, और कदम भी उठा रही है।#WATCH | PM Narendra Modi says, "...We are working on semiconductors on Mission Mode...By the end of this year, Made in India semiconductor chips, made by the people in India, will hit the market."
Video: DD pic.twitter.com/SM5oTOhjAO — ANI (@ANI) August 15, 2025
3.5 करोड़ नौकरियां- PM विकसित भारत रोजगार योजना
आज देश का हर युवा कहीं न कहीं एक ही सवाल पूछता है – सरकारी नौकरी नहीं मिली तो आगे क्या? पीएम मोदी का जवाब साफ है – सरकार अब नौकरी देगी नहीं, नौकरी दिलाएगी। प्रधानमंत्री ने आज लाल किले से ऐलान किया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आज से लागू हो रही है।योजना की खास बातें
- पहली बार नौकरी पाने वाले बेटे-बेटी को सरकार देगी ₹15,000 की आर्थिक सहायता।
- जिन कंपनियों ने ज्यादा लोगों को नौकरी दी, उन्हें प्रोत्साहन राशि।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी से 3.5 करोड़ युवाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार।
देश बदल रहा है, अब बारी है विश्वास को हकीकत में बदलने की
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में सिर्फ योजनाएं नहीं थीं, एक आत्मा थी ‘एक नया भारत’ गढ़ने का संकल्प।
उन्होंने कहा, 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, और ये काम सरकार अकेले नहीं कर सकती। ये 140 करोड़ भारतीयों की साझी जिम्मेदारी है। जो युवा आज रास्ता खोज रहे हैं, जो माता-पिता अपने बच्चों के लिए बेहतर कल चाहते हैं, जो व्यापारी कम टैक्स की आस लगाए बैठे हैं उन सभी के लिए यह समय है भरोसा करने का, आगे बढ़ने का।