देश के कई हिस्सों में मानसून का असर जारी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से हालात गंभीर बने हुए हैं। दूसरी ओर राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश थमने के बाद गर्मी बढ़ गई है।
MP में नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में तेज बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डिंडौरी-मंडला स्टेट हाईवे पर पुल के ऊपर पानी आने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।बिलगढ़ा डैम के कई गेट खोले गए हैं। इसके बाद आसपास के 14 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा है। 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं और 84 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित बताए गए हैं।गंगा, घाघरा, शारदा, टोंस, सोन और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 65 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल में बारिश से 219 मौतें
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और अन्य घटनाओं में अब तक 219 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 131 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।
उत्तराखंड में 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।मसूरी समेत पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा भी बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का दौर
छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय है। आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।मौसम का कुल मिलाकर असर: मध्य भारत और उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की कमी के कारण तापमान बढ़ रहा है।