कढ़ी भारतीय घरों में पसंद की जाने वाली ऐसी डिश है, जिसका असली स्वाद खट्टे, नमकीन और मसालेदार फ्लेवर के सही संतुलन से आता है। दही की हल्की खटास कढ़ी को खास स्वाद देती है, लेकिन कई बार दही ज्यादा खट्टा होने या इमली, नींबू जैसी चीजों की मात्रा बढ़ जाने से पूरी कढ़ी का स्वाद बिगड़ सकता है। ऐसे में कढ़ी को फेंकने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू तरीकों से इसकी खटास को कम किया जा सकता है और स्वाद को दोबारा संतुलित किया जा सकता है।
थोड़ा मीठा डालकर खटास करें कम
अगर कढ़ी जरूरत से ज्यादा खट्टी हो गई है, तो उसमें थोड़ी मात्रा में चीनी या गुड़ मिलाना सबसे आसान उपायों में से एक है। मिठास खट्टेपन को बैलेंस करने में मदद करती है और कढ़ी का स्वाद ज्यादा संतुलित हो जाता है।
इसके लिए कढ़ी में शुरुआत में आधा या एक चम्मच चीनी डालें और अच्छी तरह मिलाएं। इसे कुछ मिनट धीमी आंच पर पकने दें और फिर स्वाद चखें। अगर खटास अभी भी ज्यादा महसूस हो रही है तो जरूरत के अनुसार थोड़ी और चीनी या गुड़ डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि मीठा एक साथ ज्यादा न डालें, वरना कढ़ी का स्वाद जरूरत से ज्यादा मीठा हो सकता है।
बेसन का घोल डालना भी है आसान तरीका
अगर कढ़ी ज्यादा खट्टी होने के साथ पतली भी हो गई है, तो बेसन का हल्का घोल उपयोगी हो सकता है। इसके लिए एक कटोरी में थोड़ा बेसन लें और उसमें पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल में गांठें न रहें।
अब इस घोल को धीरे-धीरे कढ़ी में डालें और साथ-साथ लगातार चलाते रहें। इसके बाद कढ़ी को कुछ मिनट धीमी आंच पर पकाएं। बेसन कढ़ी को गाढ़ापन देने के साथ खटास को कुछ हद तक कम महसूस कराने में मदद कर सकता है।
नमक और मसाले करें संतुलित
कई बार ज्यादा खट्टेपन के कारण कढ़ी का नमकीन और मसालेदार स्वाद दब जाता है। ऐसे में स्वाद को दोबारा संतुलित करने के लिए थोड़ी मात्रा में नमक या मसाले बढ़ाए जा सकते हैं।
आप इसमें हल्का भुना जीरा पाउडर, धनिया पाउडर या जरूरत के अनुसार नमक डाल सकते हैं। मसाले डालने के बाद कढ़ी को कुछ देर पकाएं ताकि सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिल जाएं। हालांकि, मसालों की मात्रा बहुत ज्यादा न बढ़ाएं, क्योंकि इससे कढ़ी का मूल स्वाद बदल सकता है।
कढ़ी की मात्रा बढ़ाना हो सकता है मददगार
अगर कढ़ी का खट्टापन बहुत ज्यादा है, तो उसकी कुल मात्रा बढ़ाना भी एक अच्छा तरीका हो सकता है। इसके लिए थोड़ा बेसन और कम खट्टा दही लेकर हल्का घोल तैयार करें। इसे धीरे-धीरे तैयार कढ़ी में मिलाएं और लगातार चलाते रहें।
इसके बाद कढ़ी को धीमी आंच पर कुछ देर पकाएं। इससे ज्यादा खटास का असर कम हो सकता है और कढ़ी की मात्रा भी बढ़ जाएगी। ध्यान रखें कि नया घोल डालने के बाद नमक और मसालों का स्वाद जरूर चेक करें।
तड़के से कढ़ी का स्वाद करें बेहतर
कढ़ी का स्वाद सुधारने के लिए आखिर में एक नया तड़का भी लगाया जा सकता है। इसके लिए पैन में थोड़ा तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा, राई, करी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें। स्वाद के लिए चुटकी भर हींग भी डाली जा सकती है।
जब मसालों से खुशबू आने लगे तो इस तड़के को गर्म कढ़ी में डाल दें और कुछ मिनट के लिए ढककर रखें। तड़के की खुशबू और मसालों का स्वाद कढ़ी के ज्यादा खट्टेपन को बैलेंस करने में मदद करेगा।
एक साथ ज्यादा चीजें डालने से बचें
कढ़ी ज्यादा खट्टी हो जाए तो सबसे जरूरी बात यह है कि किसी एक चीज की मात्रा अचानक बहुत ज्यादा न बढ़ाएं। चीनी, गुड़, बेसन, नमक या मसाले हमेशा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में डालें और हर बार स्वाद चखकर ही अगला बदलाव करें।
इस तरह कढ़ी का मूल स्वाद भी बना रहेगा और जरूरत से ज्यादा खटास भी कम की जा सकेगी। थोड़ी सावधानी और सही मात्रा के साथ बिगड़ी हुई कढ़ी को दोबारा स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।