बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन नमी और उमस बढ़ने के कारण बालों और स्कैल्प से जुड़ी कई परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। इस मौसम में स्कैल्प जल्दी ऑयली होने के साथ चिपचिपापन, खुजली, डैंड्रफ और गंदगी जमा होने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में नेचुरल हेयर केयर के तौर पर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्कैल्प का अतिरिक्त तेल सोखने में मदद
मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल और गंदगी को सोखने के लिए जानी जाती है। बारिश के मौसम में जिन लोगों का स्कैल्प जल्दी ऑयली हो जाता है, उनके लिए इसका कभी-कभार इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। इससे स्कैल्प कम चिपचिपा महसूस हो सकता है और बालों में फ्रेशनेस आ सकती है।
बालों और स्कैल्प की सफाई में मददगार
मुल्तानी मिट्टी को क्लीनिंग पैक की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे स्कैल्प पर लगाने से अतिरिक्त तेल और जमा गंदगी हटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसे बालों की हर समस्या का स्थायी इलाज नहीं माना जा सकता।
डैंड्रफ में मिल सकती है राहत
बारिश में बढ़ी नमी और ऑयल के कारण कुछ लोगों में डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है। मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल को कम करने में मदद कर सकती है, लेकिन यह डैंड्रफ का मेडिकल इलाज नहीं है। लगातार डैंड्रफ, लालिमा या घाव होने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
ऐसे बनाएं मुल्तानी मिट्टी का हेयर पैक
एक कटोरी में जरूरत के अनुसार मुल्तानी मिट्टी लें। इसमें सादा पानी या गुलाबजल मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार करें। इसे हल्के हाथों से स्कैल्प पर लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट तक रखें। पैक को पूरी तरह सूखने न दें। इसके बाद सामान्य पानी से अच्छी तरह धो लें और जरूरत के अनुसार हल्का कंडीशनर इस्तेमाल करें।
रूखे बालों वाले रहें सावधान
बहुत ज्यादा ड्राई, घुंघराले या डैमेज बालों पर मुल्तानी मिट्टी का बार-बार इस्तेमाल करने से रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही इस्तेमाल करना बेहतर है। पहली बार प्रयोग से पहले पैच टेस्ट भी किया जा सकता है।
गंभीर समस्या में डॉक्टर की सलाह जरूरी
मुल्तानी मिट्टी को हेयर केयर रूटीन में शामिल किया जा सकता है, लेकिन बाल झड़ने, लगातार डैंड्रफ, इंफेक्शन या स्कैल्प की गंभीर समस्या होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।