मेहंदी भारतीय संस्कृति और त्योहारों का अहम हिस्सा है। शादी, तीज-त्योहार या किसी खास मौके पर हाथों पर मेहंदी लगाना आम है। कई लोग हाथों के साथ-साथ नाखूनों पर भी मेहंदी लगाते हैं, जिससे नाखूनों का रंग नारंगी, लाल या भूरा नजर आने लगता है। लेकिन सवाल है कि नाखूनों पर मेहंदी लगाना सुरक्षित है या इससे नुकसान हो सकता है?
प्राकृतिक मेहंदी से आमतौर पर नुकसान नहीं
अगर मेहंदी पूरी तरह प्राकृतिक यानी शुद्ध हिना है, तो इसे नाखूनों के लिए आमतौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता। नाखून केराटिन से बने होते हैं और मेहंदी का रंग उनकी ऊपरी सतह पर चढ़ जाता है। नाखून बढ़ने के साथ यह रंग धीरे-धीरे आगे की तरफ आता है और नाखून काटने पर खत्म हो जाता है।
मेहंदी से नाखून मजबूत होने का दावा सही नहीं
कुछ लोगों का मानना है कि नाखूनों पर मेहंदी लगाने से उनकी मजबूती और ग्रोथ बढ़ती है। हालांकि, इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए मेहंदी को नाखूनों की मजबूती या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
असली खतरा केमिकल वाली मेहंदी से
नुकसान का खतरा खासतौर पर ऐसी मेहंदी से हो सकता है, जिसमें केमिकल मिलाए गए हों। बाजार में मिलने वाली कुछ ‘ब्लैक हिना’ में PPD यानी पैराफेनिलीनडायमीन हो सकता है। इससे कुछ लोगों को खुजली, जलन, लालिमा, सूजन या एलर्जी की समस्या हो सकती है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर नाखून पहले से कमजोर हैं, बार-बार टूटते हैं या नाखूनों के आसपास कट, घाव या संक्रमण है, तो मेहंदी लगाने से बचना बेहतर है। मेहंदी लगाने के बाद जलन, खुजली या लालिमा दिखाई दे तो इसे तुरंत साफ कर देना चाहिए।
मेहंदी लगाने का सही तरीका
नाखूनों पर हमेशा भरोसेमंद और प्राकृतिक हिना का इस्तेमाल करें। ऐसी ‘ब्लैक हिना’ से बचें, जिसके ingredients स्पष्ट रूप से बताए नहीं गए हों। पहली बार इस्तेमाल करने पर छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है। प्राकृतिक मेहंदी का इस्तेमाल सावधानी से और कभी-कभार करना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है।