मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 4 सितंबर को तेज रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 450 अंक चढ़कर 76,600 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंकों की तेजी रही और यह 23,950 के आसपास कारोबार करता नजर आया।गुरुवार को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बाद शुक्रवार की तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। सेंसेक्स गुरुवार को 417 अंक की गिरावट के साथ 76,153 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873 के स्तर पर बंद हुआ था।
एशियाई बाजारों में भी तेजी
शुक्रवार को प्रमुख एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1.24%, जापान का निक्केई 0.89% और हांगकांग का हैंगसेंग करीब 2.14% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में तेजी रही। डाउ जोन्स 1.18%, नैस्डैक 1.40% और S&P 500 करीब 1.06% की बढ़त के साथ बंद हुए।
घरेलू निवेशकों का बाजार पर भरोसा बरकरार
घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की खरीदारी बाजार को सपोर्ट कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू निवेशकों ने पिछले 7 दिनों में 14,226 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। पिछले 30 दिनों में यह खरीदारी 64,387 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।इसके उलट विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI ने पिछले 7 दिनों में करीब 2,500 करोड़ रुपए की बिकवाली की है।
गुरुवार को 2,100 अंक तक फिसला था सेंसेक्स
गुरुवार, 3 सितंबर को शेयर बाजार में एक्सपायरी के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इंडिकेटिव क्लोजिंग के समय सेंसेक्स अचानक करीब 2,100 अंक तक नीचे चला गया था।हालांकि, फाइनल क्लोजिंग में सेंसेक्स 417 अंक यानी 0.55% गिरकर 76,153 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 41 अंक यानी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ।
95 रुपए का पुट ऑप्शन 446 रुपए तक पहुंचा
गुरुवार की अचानक गिरावट का असर ऑप्शन मार्केट में भी देखने को मिला। दोपहर करीब 3:15 बजे सेंसेक्स 76,554 के आसपास कारोबार कर रहा था। उस समय 76,600 स्ट्राइक का कॉल ऑप्शन करीब 152 रुपए और पुट ऑप्शन करीब 95 रुपए पर था।लेकिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के अंत तक सेंसेक्स करीब 76,152 पर आ गया। इसके बाद 76,600 का कॉल ऑप्शन बेकार हो गया, जबकि 95 रुपए का पुट ऑप्शन बढ़कर करीब 446 रुपए तक पहुंच गया।
क्या है CAS और क्यों चर्चा में है?
भारतीय शेयर बाजार में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS की नई व्यवस्था 3 अगस्त 2026 से लागू की गई है। इसका उद्देश्य बाजार बंद होने के समय शेयरों की अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित क्लोजिंग प्राइस तय करना है।नई व्यवस्था में क्लोजिंग के समय बाय और सेल ऑर्डर्स को मैच करके अंतिम कीमत तय की जाती है। इससे पहले आखिरी 30 मिनट के कारोबार के वेटेड एवरेज प्राइस यानी VWAP के आधार पर क्लोजिंग प्राइस तय की जाती थी।बाजार नियामकों की ओर से इस बदलाव का उद्देश्य भारतीय बाजार की क्लोजिंग प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय बाजारों की प्रचलित व्यवस्थाओं के अनुरूप बनाना है।