वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक ईशू कन्नौजिया की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, ईशू की हत्या उसके ही करीबी दोस्तों ने पुरानी मारपीट का बदला लेने के लिए की। आरोप है कि पहले उसे शराब पिलाई गई और नशे की हालत में धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई।
इसके बाद शव को पांच हिस्सों में काटकर प्लास्टिक के बोरे में भर दिया गया और पहचान छिपाने के लिए गोबर के गड्ढे में दबा दिया गया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

6 अगस्त से लापता था ईशू
शिवपुरवा निवासी ईशू कन्नौजिया 6 अगस्त को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की। जब कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला तो 17 अगस्त को सिगरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने ईशू के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के अनुसार, ईशू से आखिरी बार उसके दोस्त प्रदीप ने फोन पर बात की थी। इसके बाद शक की सुई प्रदीप की ओर गई और उससे पूछताछ शुरू की गई।
पुरानी पिटाई का बदला लेने की साजिश
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि 3 अगस्त को शराब पीने के दौरान ईशू और प्रदीप के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान ईशू ने प्रदीप की पिटाई कर दी थी। प्रदीप इस घटना से नाराज था और उसने बदला लेने की योजना बनाई।
आरोप है कि इसके बाद प्रदीप ने अपने भाई रामकृष्ण उर्फ रामकिशन और दोस्त रोहित को साजिश में शामिल किया। तीनों ने ईशू को मिलने के लिए बुलाया और 7 अगस्त को उसे लहरतारा-महमूरगंज मार्ग स्थित रेलवे के एक खंडहरनुमा क्वार्टर के पास ले गए। वहां उसे शराब पिलाई गई। पुलिस के अनुसार, नशे की हालत में ईशू को आरोपियों ने पकड़ लिया और प्रदीप ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया।
शव के पांच टुकड़े कर गोबर में छिपाया
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उन्होंने शव के पांच हिस्से किए और उन्हें प्लास्टिक के बोरे में भरकर गोबर के गड्ढे में डाल दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शव को छिपाने का तरीका यूट्यूब से देखकर अपनाया था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गोबर के गड्ढे से शव बरामद किया। लंबे समय तक वहां दबे रहने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
CDR और CCTV से खुला राज
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। मोबाइल की कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज से मिले सुरागों के बाद प्रदीप से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान हत्या की पूरी कहानी सामने आई और उसके भाई रामकृष्ण तथा दोस्त रोहित की भूमिका भी स्पष्ट हुई।
एडीसीपी काशी वैभव बांगर के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी प्रदीप समेत रामकृष्ण और रोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार समेत वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।