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Maa Patal Bhairavi Temple CG: एक ऐसा माता मां का मंदिर, जहां 12 ज्योतिर्लिंगों के होते हैं दर्शन!

By : Hema Gupta
Maa Patal Bhairavi Temple CG: एक ऐसा माता मां का मंदिर, जहां 12 ज्योतिर्लिंगों के होते हैं दर्शन!
Maa Patal Bhairavi Temple CG: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर में स्थित मां पाताल भैरवी मंदिर अपने आप में अद्भुत है। यह मंदिर अपने अनोखे स्वरूप, रहस्यमयी निर्माण और धार्मिक महत्व की वजह से पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। यहां भक्तों को मां पाताल भैरवी, 12 ज्योतिर्लिंगों, मां राजराजेश्वरी और अष्ट महाविद्या के दर्शन एक ही स्थान पर करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। Read More: Gopal Temple Indore: 19वीं शताब्दी में बना इंदौर का यह भव्य धार्मिक स्थल!

बर्फानी धाम परिसर में स्थित है यह भव्य मंदिर...

मां पाताल भैरवी मंदिर, राजनांदगांव के नेशनल हाईवे 53 पर स्थित बर्फानी धाम परिसर में बना है। दूर से देखने पर यह मंदिर विशाल शिवलिंग के आकार में दिखाई देता है, जो इसे बेहद आकर्षक बनाता है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर मां पाताल भैरवी के अलौकिक रूप के साथ शिवलिंग के दर्शन करते हैं।

15 फीट नीचे स्थित है मां भैरवी की दिव्य प्रतिमा...

संस्कारधानी राजनांदगांव में यह मंदिर जमीन से करीब 15 फीट नीचे स्थित है। गर्भगृह में स्थापित मां पाताल भैरवी की प्रतिमा लगभग 15 फीट ऊंची और 11 टन वजनी है। पुराणों के अनुसार, देवी काली ने रौद्र रूप में पाताल लोक में निवास किया था, इसी कारण इस देवी स्वरूप को “पाताल भैरवी” कहा जाता है।

3 मंजिलों में देवी-देवताओं के अनेक स्वरूप...

मां पाताल भैरवी मंदिर का निर्माण वर्ष 1998 में किया गया था। इस मंदिर में पहली मंजिल पर मां पाताल भैरवी विराजमान हैं। दूसरी मंजिल पर मां त्रिपुर सुंदरी (नवदुर्गा) का मंदिर स्थित है। तीसरी मंजिल पर भक्तों को मिलते हैं भगवान शिव और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन। इस तरह एक ही परिसर में भक्तों को देवी और देवता के कई स्वरूपों के दर्शन एक साथ मिलते हैं।

मंदिर की बनावट भक्तों करती आकर्षित...

मंदिर के प्रवेश द्वार पर विशाल नंदी प्रतिमा स्थापित है, जो भगवान शिव के वाहन के रूप में पूजनीय है। वहीं मंदिर परिसर में हनुमान जी की भव्य प्रतिमा भी स्थापित है, जहां श्रद्धालु विशेष रूप से दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति का उत्सव...

राजनांदगांव के साथ-साथ दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और अन्य क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। खासकर नवरात्रि और सावन के पावन अवसरों पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। भक्तजन न केवल दर्शन करते हैं, बल्कि परिवार के साथ आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी करते हैं।

आस्था और स्थापत्य का अद्भुत मेल...

मां पाताल भैरवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और शक्ति उपासना का संगम है। यहां आने वाला हर भक्त देवी की अलौकिक शक्ति, भक्ति और शांति का अनुभव करता है। यह मंदिर सचमुच उस दिव्य स्थान का प्रतीक है, जहां भक्ति, शक्ति और शिव — तीनों का एक साथ संगम होता है।        

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